Malaria In Hindi { मलेरिया }

Malaria In Hindi { मलेरिया }
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मलेरिया का मच्छर दिखने में छोटा सा होता है लेकिन यह मच्छर आपकी जान भी ले सकता है अगर समय पर इसका इलाज ना करवाया जाए तो |  मलेरिया के बारे में बच्चे बच्चे को पता है कि यह  मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है मलेरिया  गंदगी में फैलने वाला मच्छर है | 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस भी मनाया जाता है इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को मलेरिया के प्रति जागृत करना और उन्हें यह समझाना है कि वह अपने आसपास गंदगी ना इकट्ठे होने दें | यह मच्छर किसी गर्भवती महिला को काट ले तो बच्चे की जान को भी खतरा हो सकता है | हमें यह पता होना चाहिए कि मलेरिया होने पर व्यक्ति में क्या-क्या लक्षण नजर आने लगते हैं जिससे वह अपने सही समय पर जांच करवा सकें |

मलेरिया के लक्षण

सर्दी लगकर बुखार आना

शुरुआती दिनों में कंपन  लगकर तेज बुखार आना, फिर पसीना आ कर बुखार का उतर जाना, ऐसा तीन 4 घंटे बाद दोबारा होना, ऐसा कोई लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से खून की जांच करवाएं |

उल्टी आना या जी मिचलाना , कुछ भी खाने का मन नहीं करना, हल्का पेट दर्द, भूख न लगना,  सिर में भारीपन, कमजोरी और थकान महसूस होना, आंखों का रंग पीला पड़ना, हाथ पैरों में दर्द, थोड़ा सा काम करते ही थक जाना  ऐसा कुछ भी लक्षण नजर आए तो लापरवाही ना बरते तुरंत डॉक्टर से खून की जांच करवाएं |

मलेरिया से बचने के कुछ घरेलू इलाज

सेब का सेवन

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मलेरिया के रोगी को सेब का सेवन करवाना चाहिए | सेब की प्रकृति ठोस होती है लेकिन फिर भी यह आसानी से पच कर शरीर को बिना कमजोर किए बुखार को ठीक करता है |  सेब खाने से रोगी की मुंह की कड़वाहट भी दूर होकर टेस्ट अच्छा रहता है , टेस्ट अच्छा करने के लिए सेब को  काली मिर्च का पाउडर और सेंधा नमक लगाकर खाएं |

ठंडे पानी की पट्टी

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रोगी को जब तेज बुखार आ जाता है तो बिना देर किए सूती कपड़े को ठंडे पानी में डुबोकर, माथे पर रखें,  बुखार जल्दी ठीक होगा और शरीर का तापमान भी सामान्य रहेगा |

गिलोय का रस

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लंबे समय से चलने वाले बुखार को गिलोय के रस से ठीक किया जा सकता है |  गिलोय का रस हमारे शरीर में जानलेवा बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है |  मलेरिया के मरीज को अगर गिलोय का रस और शहद की मात्रा बराबर बराबर मात्रा दी जाए तो बुखार बहुत जल्दी ही उतर जाता है न इसके अलावा डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों में ब्लड में कम हुई प्लेटलेट्स को बढ़ाता है |

नीम

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नीम के पत्तों को अच्छी तरह से धोकर  साफ कर लें और इसमें चार से पांच कालीमिर्च को मिलाकर अच्छी तरह से पीस लें, पिसे हुए मिश्रण को पानी में 10 मिनट तक उबालें, गैस से उतार कर छान कर हल्का गुनगुना पी लें, रोगी को तेज बुखार, बेहोशी  में आराम मिलेगा |

नीम के तेल में, नारियल का तेल मिलाकर रोगी के शरीर पर मालिश करें, बुखार में आराम मिलेगा |

अदरक का सेवन

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अदरक का उपयोग हम हमेशा से ही सब्जियों का स्वाद बढ़ाने, चाय बनाने या मसालों के रूप में करते आए हैं लेकिन क्या आपको पता है मलेरिया जैसी भयंकर बीमारी का भी इससे इलाज हो सकता है |  अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े करके पानी में उबाल लें, पानी को तकरीबन 5 मिनट तक उबालें |  पानी को छानकर हल्का गुनगुना दिन में दो तीन बार ले, बुखार के साथ सर्दी लगना कम होगी और रोगी के शरीर में गर्माहट आ कर बुखार जल्दी उतर जाएगा

दालचीनी

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दालचीनी मलेरिया के रोगी के लिए रामबाण इलाज है दालचीनी को पीसकर पाउडर बना लें फिर इस मिश्रण को एक गिलास पानी में डालकर उबालें, साथ में थोड़ी सी काली मिर्च और शहद भी मिला लें इसके बाद रोगी को इसका सेवन करवाएं, |

फिटकरी

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फिटकरी को सीधे गैस पर रखने की बजाएं  तवे पर सेके और इस को पीसकर पाउडर बना लें, जब भी महसूस हो कि मलेरिया का बुखार आने वाला है तो करीब 3 घंटे पहले इसका सेवन  करवा दे, ऐसा हर दो-तीन घंटे बाद करते रहने से मलेरिया का बुखार नहीं आएगा और आए हुए बुखार में आराम मिलेगा |

मलेरिया के रोगी क्या खाएं

संतरे का जूस

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जैसा कि आप सभी जानते हैं कि संतरे में विटामिन सी होता है जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है | संतरे के जूस से रोगी के शरीर में पानी की कमी नहीं होती, इस दौरान  अनानास, पपीता, अंगूर आदि भी  दे सकते है | पानी की कमी दूर करने के लिए ग्लूकोस, गन्ने का रस, ताजा फलों का रस, नींबू का रस आदि भी दे सकते हैं |

हल्का खाना दें

मलेरिया के रोगी को दाल चावल की खिचड़ी, दलिया, दाल का पानी या हरी सब्जियां जैसे तोरी, घीया आदि दे |  प्याज और पुदीना की चटनी बनाकर दोपहर के खाने में जरूर खिलाएं |  रोगी में नमक ,चीनी, पानी की कमी न होने दें |  रोगी को खाना एक बार में पेट भर कर ना खिलाए, थोड़ी थोड़ी देर में खिलाते रहे |

लोंग का पानी पिए

मलेरिया के रोगी ठंडे पानी की बजाय गुनगुना पानी पिए , हो सके तो 2 लीटर पानी में 8 से 10 लोंग  उबालकर रख लें, पानी थोड़ी थोड़ी देर में रोगी को पिलाते रहें | इससे एक तो उल्टी और जी मिचलाने जैसी समस्या नहीं होगी, दूसरा बुखार में भी आराम मिलेगा |

क्या ना खाएं

चाय कॉफी बिल्कुल ना पिए अगर चाय पीने का मन हो तो चाय में अदरक, तुलसी, काली मिर्च डालकर पिए, यह आपके शरीर का तापमान ठीक रखेगी  | धूम्रपान या नशा करने वाली कोई भी चीज ना ले |

बाहर का खाना ना खाएं

जहां तक हो सके रोगी को घर का बना हल्का और जल्दी पचने वाला खाना खिलाए हालांकि मुंह का टेस्ट बुखार होने के कारण   कड़वा हो जाता है और रोगी को अपना मुंह का टेस्ट बनाने के लिए कुछ अच्छा चटपटा खाने का मन करता है लेकिन बाहर की चीजें खास तौर पर जंक फूड तो बिल्कुल ही ना दे |  मुंह का स्वाद ठीक रखने के लिए नींबू को काटकर उस पर काली मिर्च , सेंधा नमक डालकर चूसें |  इसके अलावा रोगी को आप अमरुद भी दे सकते हैं |

मलेरिया से बचाव के कुछ उपाय

  • मलेरिया के मच्छर रात को काटते हैं इसलिए रात को सोते समय मच्छरदानी या मच्छर भगाने की क्रीम का उपयोग करें |
  • छत पर रखे पक्षियों के पानी पीने के बर्तनों को हर रोज पानी बदलकर और नया पानी डालें, इससे मच्छर पैदा नहीं होंगी |
  • फुल बाजू के कपड़े पहने |
  • मलेरिया के मच्छर साफ पानी में भी पनप जाते हैं अगर आप  पानी पीने का पानी जमा करके  रखते हैं तो हफ्ते में एक या दो बार उस बर्तन को अच्छी तरह से साफ कर लें क्योंकि बर्तन साफ न होने पर मच्छर पानी में अंडे दे देते हैं |
  • अगर घर की छत पर फालतू सामान जैसे प्लास्टिक टायर, ट्यूब, डिब्बे आदि पड़े हैं तो  उनमें  पानी इकट्ठा ना होने दें |
  • कूलर का पानी हफ्ते में दो बार बदलें, कूलर में मिट्टी का तेल डालें
  • रात के समय काला हिट या फिर कोई भी बाजारी मच्छर मार दवा का छिड़काव करें |
  • सुबह शाम घर में कपूर जरूर जलाएं  इसके धुएं से कोनों में लगे मच्छर भाग जाते हैं |

 

 

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